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المُرسَلات /

आयत 35

77 : 35
المُرسَلات आयतें 50
सूरह · المُرسَلات
हिन्दी · Omari
77 : 35

هَٰذَا يَوۡمُ لَا يَنطِقُونَ

यह वह दिन है कि वे बोल नहीं सकेंगे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उनके विरुद्ध ऐसे तर्क प्रस्तुत कर दिए जाएँगे कि वे अवाक रह जाएँगे।