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الإنسَان /

आयत 28

76 : 28
الإنسَان आयतें 31
सूरह · الإنسَان
हिन्दी · Omari
76 : 28

نَّحۡنُ خَلَقۡنَٰهُمۡ وَشَدَدۡنَآ أَسۡرَهُمۡۖ وَإِذَا شِئۡنَا بَدَّلۡنَآ أَمۡثَٰلَهُمۡ تَبۡدِيلًا

हम ही ने उन्हें पैदा किया और उनके जोड़-बंद मज़बूत किए, तथा हम जब चाहेंगे बदलकर उन जैसे अन्य लोग ले आएँगे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात इनका विनाश करके इनके स्थान पर दूसरों को पैदा कर दें।