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القِيَامة /

आयत 5

75 : 5
القِيَامة आयतें 40
सूरह · القِيَامة
हिन्दी · Omari
75 : 5

بَلۡ يُرِيدُ ٱلۡإِنسَٰنُ لِيَفۡجُرَ أَمَامَهُۥ

बल्कि मनुष्य चाहता है कि अपने आगे भी गुनाह करता रहे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात वह प्रलय तथा ह़िसाब का इनकार इसलिए करता है ताकि वह पूरी आयु कुकर्म करता रहे।