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القِيَامة /

आयत 31

75 : 31
القِيَامة आयतें 40
सूरह · القِيَامة
हिन्दी · Omari
75 : 31

فَلَا صَدَّقَ وَلَا صَلَّىٰ

तो न उसने (सत्य को) माना और न नमाज़ पढ़ी।