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الحَاقة /

आयत 40

69 : 40

आयत 40 of الحَاقة (69 : 40). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الحَاقة आयतें 52
सूरह · الحَاقة
हिन्दी · Omari
69 : 40

إِنَّهُۥ لَقَوۡلُ رَسُولٖ كَرِيمٖ

निःसंदेह यह (क़ुरआन) एक सम्मानित रसूल का कथन है।

Explanation & meanings · 1
  1. यहाँ सम्मानित रसूल से अभिप्राय मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हैं। तथा सूरत अत्-तक्वीर आयत : 19 में फ़रिश्ते जिबरील (अलैहिस्सलाम) जो वह़्यी लाते थे वह अभिप्राय हैं। यहाँ क़ुरआन को आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का कथन इस अर्थ में कहा गया है कि लोग उसे आपसे सुन रहे थे। और इसी प्रकार आप जिबरील (अलैहिस्सलाम) से सुन रहे थे। अन्यथा, वास्तव में, क़ुरआन अल्लाह का कथन है, जैसा कि आगामी आयत : 43 में आ रहा है।