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الوَاقِعة /

आयत 57

56 : 57
الوَاقِعة आयतें 96
सूरह · الوَاقِعة
हिन्दी · Omari
56 : 57

نَحۡنُ خَلَقۡنَٰكُمۡ فَلَوۡلَا تُصَدِّقُونَ

हमने ही तुम्हें पैदा किया, फिर तुम (पुनः जीवित किए जाने को) क्यों सच नहीं मानते?