Skip to content
الرَّحمٰن /

आयत 31

55 : 31
الرَّحمٰن आयतें 78
सूरह · الرَّحمٰن
हिन्दी · Omari
55 : 31

سَنَفۡرُغُ لَكُمۡ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ

हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)

Explanation & meanings · 2
  1. इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है।
  2. इसमें प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जाएगा।