40 : 51
إِنَّا لَنَنصُرُ رُسُلَنَا وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَيَوۡمَ يَقُومُ ٱلۡأَشۡهَٰدُ
निःसंदेह हम अपने रसूलों की और उन लोगों की जो ईमान लाए, सांसारिक जीवन में भी अवश्य सहायता करते हैं तथा उस दिन भी (करेंगे) जब साक्षी खड़े होंगे।
Explanation & meanings · 1
- अर्थात प्रलय के दिन, जब अंबिया और फ़रिश्ते गवाही देंगे।