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غَافِر /

आयत 32

40 : 32
غَافِر आयतें 85
सूरह · غَافِر
हिन्दी · Omari
40 : 32

وَيَٰقَوۡمِ إِنِّيٓ أَخَافُ عَلَيۡكُمۡ يَوۡمَ ٱلتَّنَادِ

तथा ऐ मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह मैं तुमपर एक-दूसरे को पुकारने के दिन से डरता हूँ।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात प्रलय के दिन से, जब भय के कारण एक-दूसरे को पुकारेंगे।