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النِّسَاء /

आयत 130

4 : 130
النِّسَاء आयतें 176
सूरह · النِّسَاء
हिन्दी · Omari
4 : 130

وَإِن يَتَفَرَّقَا يُغۡنِ ٱللَّهُ كُلّٗا مِّن سَعَتِهِۦۚ وَكَانَ ٱللَّهُ وَٰسِعًا حَكِيمٗا

और यदि दोनों अलग हो जाएँ, तो अल्लाह अपने व्यापक अनुग्रह से हर-एक को (दूसरे से) बेनियाज़ कर देगा और अल्लाह व्यापक अनुग्रह वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात यदि निभाव न हो सके तो विवाह बंधन में रहना आवश्यक नहीं। दोनों अलग हो जाएँ, अल्लाह दोनों के लिए पति तथा पत्नी की व्यवस्था बना देगा।