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سَبإ /

आयत 19

34 : 19

आयत 19 of سَبإ (34 : 19). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

سَبإ आयतें 54
सूरह · سَبإ
हिन्दी · Omari
34 : 19

فَقَالُواْ رَبَّنَا بَٰعِدۡ بَيۡنَ أَسۡفَارِنَا وَظَلَمُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ فَجَعَلۡنَٰهُمۡ أَحَادِيثَ وَمَزَّقۡنَٰهُمۡ كُلَّ مُمَزَّقٍۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّكُلِّ صَبَّارٖ شَكُورٖ

तो उन्होंने कहा : ऐ हमारे पालनहार! हमारी यात्राओं के बीच दूरी बना दे! तथा उन्होंने अपने ऊपर ज़ुल्म किया। अंततः हमने उन्हें कहानियाँ बना दिया और उन्हें पूरी तरह तित्तर-बित्तर कर दिया। निःसंदेह इसमें हर बड़े धैर्यवान् और बहुत शुक्र करने वाले के लिए कई निशानियाँ (शिक्षाएँ) हैं।

Explanation & meanings · 2
  1. हमारी यात्राओं के बीच कोई बस्ती न हो।
  2. उनकी कथाएँ रह गईं, और उनका अस्तित्व मिट गया।