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آل عِمران /

आयत 35

3 : 35
آل عِمران आयतें 200
सूरह · آل عِمران
हिन्दी · Omari
3 : 35

إِذۡ قَالَتِ ٱمۡرَأَتُ عِمۡرَٰنَ رَبِّ إِنِّي نَذَرۡتُ لَكَ مَا فِي بَطۡنِي مُحَرَّرٗا فَتَقَبَّلۡ مِنِّيٓۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ

जब इमरान की पत्नी ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मैंने तेरे लिए उसकी मन्नत मानी है, जो मेरे पेट में है कि आज़ाद छोड़ा हुआ होगा। सो मुझसे स्वीकार कर। निःसंदेह तू ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

Explanation & meanings · 2
  1. अर्थात मरयम की माँ।
  2. अर्थात बैतुल मक़दिस की सेवा के लिए।