Skip to content
القَصَص /

आयत 12

28 : 12
القَصَص आयतें 88
सूरह · القَصَص
हिन्दी · Omari
28 : 12

۞ وَحَرَّمۡنَا عَلَيۡهِ ٱلۡمَرَاضِعَ مِن قَبۡلُ فَقَالَتۡ هَلۡ أَدُلُّكُمۡ عَلَىٰٓ أَهۡلِ بَيۡتٖ يَكۡفُلُونَهُۥ لَكُمۡ وَهُمۡ لَهُۥ نَٰصِحُونَ

और हमने उसपर पहले से सभी दूध हराम कर दिए। तो उस (की बहन) ने कहा : क्या मैं तुम्हें एक घर वाले बताऊँ, जो तुम्हारे लिए इसका पालन-पोषण करें और वे इसके शुभचिंतक हों?

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उसकी माता के पास आने से पहले।