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الفُرقَان /

आयत 69

25 : 69
الفُرقَان आयतें 77
सूरह · الفُرقَان
हिन्दी · Omari
25 : 69

يُضَٰعَفۡ لَهُ ٱلۡعَذَابُ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَيَخۡلُدۡ فِيهِۦ مُهَانًا

क़ियामत के दिन उसकी यातना दुगुनी कर दी जाएगी और वह अपमानित होकर उसमें हमेशा रहेगा।

Explanation & meanings · 1
  1. इब्ने अब्बास ने कहा : जब यह आयत उतरी, तो मक्का वासियों ने कहा : हमने अल्लाह का साझी बनाया है और अवैध जान भी मारी है तथा व्यभिचार भी किया है। तो अल्लाह ने यह आयत उतारी। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4765)