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المؤمنُون /

आयत 78

23 : 78
المؤمنُون आयतें 118
सूरह · المؤمنُون
हिन्दी · Omari
23 : 78

وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَنشَأَ لَكُمُ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡأَبۡصَٰرَ وَٱلۡأَفۡـِٔدَةَۚ قَلِيلٗا مَّا تَشۡكُرُونَ

और वही है, जिसने तुम्हारे लिए कान तथा आँखें और दिल बनाए। तुम बहुत कम आभार प्रकट करते हो।

Explanation & meanings · 1
  1. सत्य को सुनने, देखने और उसपर विचार करके उसे स्वीकार करने के लिए।