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المؤمنُون /

आयत 55

23 : 55
المؤمنُون आयतें 118
सूरह · المؤمنُون
हिन्दी · Omari
23 : 55

أَيَحۡسَبُونَ أَنَّمَا نُمِدُّهُم بِهِۦ مِن مَّالٖ وَبَنِينَ

क्या वे समझते हैं कि हम धन और संतान में से जिन चीज़ों के साथ उनकी सहायता कर रहे हैं।