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الأنبيَاء /

आयत 96

21 : 96
الأنبيَاء आयतें 112
सूरह · الأنبيَاء
हिन्दी · Omari
21 : 96

حَتَّىٰٓ إِذَا فُتِحَتۡ يَأۡجُوجُ وَمَأۡجُوجُ وَهُم مِّن كُلِّ حَدَبٖ يَنسِلُونَ

यहाँ तक कि जब याजूज और माजूज खोल दिए जाएँगे और वे प्रत्येक ऊँची जगह से दौड़ते हुए आएँगे।

Explanation & meanings · 1
  1. याजूज तथा माजूज के विषय में देखिए : सूरतुल-कह्फ, आयत : 93 से 100 तक का अनुवाद।