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الأنبيَاء /

आयत 95

21 : 95
الأنبيَاء आयतें 112
सूरह · الأنبيَاء
हिन्दी · Omari
21 : 95

وَحَرَٰمٌ عَلَىٰ قَرۡيَةٍ أَهۡلَكۡنَٰهَآ أَنَّهُمۡ لَا يَرۡجِعُونَ

तथा जिस बस्ती को हम विनष्ट कर दें, उसके लिए असंभव है कि वह फिर (संसार में) लौट आए।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उसके वासियों के दुराचार के कारण।