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البَقَرَة /

आयत 115

2 : 115
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 115

وَلِلَّهِ ٱلۡمَشۡرِقُ وَٱلۡمَغۡرِبُۚ فَأَيۡنَمَا تُوَلُّواْ فَثَمَّ وَجۡهُ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ وَٰسِعٌ عَلِيمٞ

तथा पूर्व और पश्चिम अल्लाह ही के हैं, तो तुम जिस ओर रुख करो, सो वहीं अल्लाह का चेहरा है। निःसंदेह अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात अल्लाह के आदेशानुसार तुम जिधर भी रुख करोगे, तुम्हें अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त होगी।