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الرَّعد /

आयत 39

13 : 39
الرَّعد आयतें 43
सूरह · الرَّعد
हिन्दी · Omari
13 : 39

يَمۡحُواْ ٱللَّهُ مَا يَشَآءُ وَيُثۡبِتُۖ وَعِندَهُۥٓ أُمُّ ٱلۡكِتَٰبِ

अल्लाह जो चाहता है, मिटा देता है और बाक़ी रखता है। और उसी के पास मूल किताब है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात "लौह़े मह़फ़ूज़" जिसमें सब कुछ अंकित है।