Skip to content
الرَّعد /

आयत 15

13 : 15
الرَّعد आयतें 43
सूरह · الرَّعد
हिन्दी · Omari
13 : 15

وَلِلَّهِۤ يَسۡجُدُۤ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ طَوۡعٗا وَكَرۡهٗا وَظِلَٰلُهُم بِٱلۡغُدُوِّ وَٱلۡأٓصَالِ۩

और आकाशों तथा धरती में जो भी है, अल्लाह ही को सजदा कर रहा है, स्वेच्छा से या अनिच्छा से और उनकी परछाइयाँ भी सुबह और शाम।

Explanation & meanings · 2
  1. अर्थात सब उसके स्वभाविक नियम के अधीन हैं।
  2. यहाँ सजदा करना चाहिए।