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يُوسُف /

आयत 7

12 : 7
يُوسُف आयतें 111
सूरह · يُوسُف
हिन्दी · Omari
12 : 7

۞ لَّقَدۡ كَانَ فِي يُوسُفَ وَإِخۡوَتِهِۦٓ ءَايَٰتٞ لِّلسَّآئِلِينَ

वास्तव में, यूसुफ़ और उसके भाइयों (की कहानी) में पूछने वालों के लिए कई निशानियाँ हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. यह प्रश्न यहूदियों ने मक्का वासियों के माध्यम से नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से किया था, कि वह कौन से नबी हैं जो शाम में रहते थे, और जब उनका पुत्र मिस्र निकल गया, तो उसपर रोते-रोते अंधे हो गए? इस पर यह पूरी सूरत उतरी। (तफ़्सीर क़ुर्तुबी)