Skip to content
الفَلَق /

आयत 5

113 : 5
الفَلَق आयतें 5
सूरह · الفَلَق
हिन्दी · Omari
113 : 5

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

तथा ईर्ष्या करने वाले की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।

Explanation & meanings · 1
  1. (4-5) इन दोनों आयतों में जादू और हसद (ईर्ष्या) की बुराई से अल्लाह की शरण में आने की शिक्षा दी गई है। और हसद ऐसा रोग है जो किसी व्यक्ति को दूसरों को हानि पहुँचाने के लिए तैयार कर देता है। और आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर भी जादू, हसद ही के कारण किया गया था। यहाँ ज्ञातव्य है कि इस्लाम ने जादू को अधर्म कहा है जिससे इनसान के परलोक का विनाश हो जाता है।