Skip to content
الكَوثر /

आयत 3

108 : 3
الكَوثر आयतें 3
सूरह · الكَوثر
हिन्दी · Omari
108 : 3

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلۡأَبۡتَرُ

निःसंदेह आपका शत्रु ही बे नाम व निशान है।

Explanation & meanings · 1
  1. आयत संख्या 3 में 'अब्तर' का शब्द प्रयोग हुआ है। जिसका अर्थ है जड़ से अलग कर देना जिसके बाद कोई पेड़ सूख जाता है। और इस शब्द का प्रयोग उसके लिए भी किया जाता है जो अपनी जाति से अलग हो जाए, या जिसका कोई पुत्र जीवित न रह जाए, और उसके निधन के बाद उसका कोई नाम लेवा न हो। इस आयत में जो भविष्यवाणी की गई है, वह सत्य सिद्ध होकर पूरे मानव संसार को इस्लाम और क़ुरआन पर विचार करने के लिए बाध्य कर रही है। (इब्ने कसीर)