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الفِيل /

आयत 2

105 : 2
الفِيل आयतें 5
सूरह · الفِيل
हिन्दी · Omari
105 : 2

أَلَمۡ يَجۡعَلۡ كَيۡدَهُمۡ فِي تَضۡلِيلٖ

क्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?