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العَاديَات /

आयत 7

100 : 7

आयत 7 of العَاديَات (100 : 7). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

العَاديَات आयतें 11
सूरह · العَاديَات
हिन्दी · Omari
100 : 7

وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٞ

और निःसंदेह वह इसपर स्वयं गवाह है।

Explanation & meanings · 1
  1. (1-7) इन आरंभिक आयतों में मानवजाति (इनसान) की कृतघ्नता का वर्णन किया गया है। जिसकी भूमिका के रूप में एक पशु की कृतज्ञता को शपथ स्वरूप उदाहरण के लिए प्रस्तुत किया गया है। जिसे इनसान पोसता है, और वह अपने स्वामी का इतना भक्त होता है कि उसे अपने ऊपर सवार करके नीचे ऊँचे मार्गों पर रात-दिन की परवाह किए बिना दौड़ता और अपनी जान जोखिम में डाल देता है। परंतु इनसान जिसे अल्लाह ने पैदा किया, समझबूझ दी और उसके जीवन यापन के सभी साधन बनाए, वह उसका उपकार नहीं मानता और जानबूझ कर उसकी अवज्ञा करता है, उसे इस पशु से सीख लेनी चाहिए।