Skip to content

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर नुकीले दाँत वाले दरिंदे और नाखून (से शिकार करने) वाले परिंदे (का मांस खाने) से मना किया है।

अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया :

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर नुकीले दाँत वाले दरिंदे और नाखून (से शिकार करने) वाले परिंदे (का मांस खाने) से मना किया है।

نَهَى عَنْ كُلِّ ذِي نَابٍ مِنَ السِّبَاعِ، وَعَنْ كُلِّ ذِي مِخْلَبٍ مِنَ الطَّيْرِ.

इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
स्पष्टीकरण

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर ऐसे चीर-फाड़ करने वाले दरिंदे का मांस खाने से मना किया है, जो अपने नोकीले दाँत से शिकार करता है। इसी तरह हर ऐसे परिंदे का मांस खाने से मना किया है, जो अपने नाखून से पकड़ता एवं काटता है।

हदीस के कुछ फ़ायदे

इस्लाम की कोशिश यह है कि बंदा खाने-पीने की केवल पाक चीज़ों ही का प्रयोग करे।

खाने की चीज़ों में शरीअत का मूल आदेश हलाल होना है। हराम वही चीज़ है, जिसके हराम होने की कोई दलील मौजूद हो।

समीक्षक

सह़ीह़ मुस्लिम (3/ 1534) (1934).

अधिक (9)

سبل السلام شرح بلوغ المرام.

للصنعاني (2/ 506).

توضيح الأحكام مِن بلوغ المرام.

لعبد الله البسام (7/ 5).

فتح ذي الجلال والإكرام شرح بلوغ المرام.

لابن عثيمين (6/ 6).

منحة العلام في شرح بلوغ المرام.

لعبد الله الفوزان (9/ 173).

فتاوى اللجنة الدائمة - المجموعة الأولى (22/ 290).