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التَّكوير /

आयत 14

81 : 14

आयत 14 of التَّكوير (81 : 14). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

التَّكوير आयतें 29
सूरह · التَّكوير
हिन्दी · Omari
81 : 14

عَلِمَتۡ نَفۡسٞ مَّآ أَحۡضَرَتۡ

तो प्रत्येक प्राणी जान लेगा कि वह क्या लेकर आया है।

Explanation & meanings · 1
  1. (7-14) इन आयतों में प्रलय के दूसरे चरण की दशा को दर्शाया गया है कि इनसानों की आस्था और कर्मों के अनुसार श्रेणियाँ बनेंगी। नृशंसितों (मज़लूमों) के साथ न्याय किया जाएगा। कर्म-पत्र खोल दिए जाएँगे। नरक भड़काई जाएगी। स्वर्ग सामने कर दिया जाएगा। और उस समय सभी को वास्तविकता का ज्ञान हो जाएगा। इस्लाम के उदय के समय अरब में कुछ लोग पुत्रियों को जन्म लेते ही जीवित गाड़ दिया करते थे। इस्लाम ने नारियों को जीवन प्रदान किया। और उन्हें जीवित गाड़ देने को घोर अपराध घोषित किया। आयत संख्या 8 में उन्हीं नृशंस अपराधियों को धिक्कारा गया है।