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النَّازعَات /

आयत 5

79 : 5

आयत 5 of النَّازعَات (79 : 5). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

النَّازعَات आयतें 46
सूरह · النَّازعَات
हिन्दी · Omari
79 : 5

فَٱلۡمُدَبِّرَٰتِ أَمۡرٗا

फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो आदेश को क्रियान्वित करने वाले हैं!

Explanation & meanings · 1
  1. (1-5) यहाँ से बताया गया है कि प्रलय का आरंभ भारी भूकंप से होगा और दूसरे ही क्षण सब जीवित होकर धरती के ऊपर होंगे।