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الإنسَان /

आयत 6

76 : 6
الإنسَان आयतें 31
सूरह · الإنسَان
हिन्दी · Omari
76 : 6

عَيۡنٗا يَشۡرَبُ بِهَا عِبَادُ ٱللَّهِ يُفَجِّرُونَهَا تَفۡجِيرٗا

यह एक स्रोत होगा, जिससे अल्लाह के बंदे पीएँगे। वे उसे (जहाँ चाहेंगे) बहा ले जाएँगे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उसको जिधर चाहेंगे मोड़ ले जाएँगे। जैसे घर, बैठक आदि।