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الإنسَان /

आयत 22

76 : 22
الإنسَان आयतें 31
सूरह · الإنسَان
हिन्दी · Omari
76 : 22

إِنَّ هَٰذَا كَانَ لَكُمۡ جَزَآءٗ وَكَانَ سَعۡيُكُم مَّشۡكُورًا

(तथा कहा जाएगा :) निःसंदेह यह तुम्हारा प्रतिफल है और तुम्हारे प्रयास का सम्मान किया गया।