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الإنسَان /

आयत 2

76 : 2
الإنسَان आयतें 31
सूरह · الإنسَان
हिन्दी · Omari
76 : 2

إِنَّا خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ مِن نُّطۡفَةٍ أَمۡشَاجٖ نَّبۡتَلِيهِ فَجَعَلۡنَٰهُ سَمِيعَۢا بَصِيرًا

निःसंदेह हमने इनसान को मिश्रित वीर्य से पैदा किया, हम उसकी परीक्षा लेते हैं। तो हमने उसे सुनने वाला, देखने वाला बना दिया।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात नर-नारी के मिश्रित वीर्य से।