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المُدثر /

आयत 32

74 : 32
المُدثر आयतें 56
सूरह · المُدثر
हिन्दी · Omari
74 : 32

كَلَّا وَٱلۡقَمَرِ

कदापि नहीं, क़सम है चाँद की!