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الأعرَاف /

आयत 184

7 : 184
الأعرَاف आयतें 206
सूरह · الأعرَاف
हिन्दी · Omari
7 : 184

أَوَلَمۡ يَتَفَكَّرُواْۗ مَا بِصَاحِبِهِم مِّن جِنَّةٍۚ إِنۡ هُوَ إِلَّا نَذِيرٞ مُّبِينٌ

और क्या उन्होंने विचार नहीं किया कि उनके साथी में कोई पागलपन नहीं है? वह तो केवल खुले रूप से सचेत करने वाला है।

Explanation & meanings · 1
  1. साथी से अभिप्राय मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं, जिनको नबी होने से पहले वही लोग "अमीन" कहते थे।