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المُلك /

आयत 2

67 : 2
المُلك आयतें 30
सूरह · المُلك
हिन्दी · Omari
67 : 2

ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلۡمَوۡتَ وَٱلۡحَيَوٰةَ لِيَبۡلُوَكُمۡ أَيُّكُمۡ أَحۡسَنُ عَمَلٗاۚ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡغَفُورُ

जिसने मृत्यु तथा जीवन को पैदा किया, ताकि तुम्हारा परीक्षण करे कि तुम में किसका कर्म अधिक अच्छा है? तथा वही प्रभुत्वशाली, अति क्षमावान् है।

Explanation & meanings · 1
  1. इसमें आज्ञापालन की प्रेरणा तथा अवज्ञा पर चेतावनी है।