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الرَّحمٰن /

आयत 56

55 : 56
الرَّحمٰن आयतें 78
सूरह · الرَّحمٰن
हिन्दी · Omari
55 : 56

فِيهِنَّ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ

उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।