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الرَّحمٰن /

आयत 39

55 : 39
الرَّحمٰن आयतें 78
सूरह · الرَّحمٰن
हिन्दी · Omari
55 : 39

فَيَوۡمَئِذٖ لَّا يُسۡـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٞ وَلَا جَآنّٞ

फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।