52 : 29
فَذَكِّرۡ فَمَآ أَنتَ بِنِعۡمَتِ رَبِّكَ بِكَاهِنٖ وَلَا مَجۡنُونٍ
अतः आप नसीहत करें। क्योंकि अपने पालनहार के अनुग्रह से आप न तो काहिन हैं और न ही पागल।
Explanation & meanings · 1
- जैसाकि वे आपपर यह आरोप लगा कर हताश करना चाहते हैं।