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قٓ /

आयत 29

50 : 29

आयत 29 of قٓ (50 : 29). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

قٓ आयतें 45
सूरह · قٓ
हिन्दी · Omari
50 : 29

مَا يُبَدَّلُ ٱلۡقَوۡلُ لَدَيَّ وَمَآ أَنَا۠ بِظَلَّٰمٖ لِّلۡعَبِيدِ

मेरे यहाँ बात बदली नहीं जाती तथा मैं बंदों पर कदापि कोई अत्याचार करने वाला नहीं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात मेरे नियम अनुसार कर्मों का प्रतिकार दिया गया है।