4 : 139
ٱلَّذِينَ يَتَّخِذُونَ ٱلۡكَٰفِرِينَ أَوۡلِيَآءَ مِن دُونِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَۚ أَيَبۡتَغُونَ عِندَهُمُ ٱلۡعِزَّةَ فَإِنَّ ٱلۡعِزَّةَ لِلَّهِ جَمِيعٗا
जो ईमान वालों को छोड़कर काफ़िरों को अपना मित्र बनाते हैं, क्या वे उनके पास मान-सम्मान ढूँढ़ते हैं? तो निःसंदेह सब मान-सम्मान अल्लाह ही के लिए है।
Explanation & meanings · 1
- अर्थात अल्लाह के अधिकार में है, काफ़िरों के नहीं।