Skip to content
النِّسَاء /

आयत 139

4 : 139
النِّسَاء आयतें 176
सूरह · النِّسَاء
हिन्दी · Omari
4 : 139

ٱلَّذِينَ يَتَّخِذُونَ ٱلۡكَٰفِرِينَ أَوۡلِيَآءَ مِن دُونِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَۚ أَيَبۡتَغُونَ عِندَهُمُ ٱلۡعِزَّةَ فَإِنَّ ٱلۡعِزَّةَ لِلَّهِ جَمِيعٗا

जो ईमान वालों को छोड़कर काफ़िरों को अपना मित्र बनाते हैं, क्या वे उनके पास मान-सम्मान ढूँढ़ते हैं? तो निःसंदेह सब मान-सम्मान अल्लाह ही के लिए है।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात अल्लाह के अधिकार में है, काफ़िरों के नहीं।