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صٓ /

आयत 39

38 : 39
صٓ आयतें 88
सूरह · صٓ
हिन्दी · Omari
38 : 39

هَٰذَا عَطَآؤُنَا فَٱمۡنُنۡ أَوۡ أَمۡسِكۡ بِغَيۡرِ حِسَابٖ

(ऐ सुलैमान!) यह हमारा प्रदान है। अब उपकार करो अथवा रोक रखो, कोई हिसाब न होगा।