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الصَّافَات /

आयत 95

37 : 95
الصَّافَات आयतें 182
सूरह · الصَّافَات
हिन्दी · Omari
37 : 95

قَالَ أَتَعۡبُدُونَ مَا تَنۡحِتُونَ

उसने कहा : क्या तुम उसकी इबादत करते हो, जिसे ख़ुद तराशते हो?