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الصَّافَات /

आयत 154

37 : 154
الصَّافَات आयतें 182
सूरह · الصَّافَات
हिन्दी · Omari
37 : 154

مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ

तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा फ़ैसला कर रहे हो?