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يسٓ /

आयत 30

36 : 30
يسٓ आयतें 83
सूरह · يسٓ
हिन्दी · Omari
36 : 30

يَٰحَسۡرَةً عَلَى ٱلۡعِبَادِۚ مَا يَأۡتِيهِم مِّن رَّسُولٍ إِلَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ

हाय अफसोस है बंदों पर! उनके पास जो भी रसूल आता, वे उसका उपहास किया करते थे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात प्रलय के दिन रसूलों का उपहास बंदों के लिए अफसोस का कारण होगा।