Skip to content
يسٓ /

आयत 17

36 : 17
يسٓ आयतें 83
सूरह · يسٓ
हिन्दी · Omari
36 : 17

وَمَا عَلَيۡنَآ إِلَّا ٱلۡبَلَٰغُ ٱلۡمُبِينُ

तथा हमारा दायित्व खुले तौर पर संदेश पहुँचा देने के सिवा और कुछ नहीं है।