34 : 2
يَعۡلَمُ مَا يَلِجُ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا يَخۡرُجُ مِنۡهَا وَمَا يَنزِلُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ وَمَا يَعۡرُجُ فِيهَاۚ وَهُوَ ٱلرَّحِيمُ ٱلۡغَفُورُ
वह जानता है जो कुछ धरती के भीतर प्रवेश होता है और जो कुछ उससे निकलता है, तथा जो कुछ आकाश से उतरता है और जो कुछ उसमें चढ़ता है। तथा वह अत्यंत दयावान्, अति क्षमाशील है।
Explanation & meanings · 3
- जैसे वर्षा, कोष और निधि आदि।
- जैसे वर्षा, ओला, फ़रिश्ते और आकाशीय पुस्तकें आदि।
- जैसे फ़रिश्ते तथा कर्म।