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السَّجدة /

आयत 21

32 : 21
السَّجدة आयतें 30
सूरह · السَّجدة
हिन्दी · Omari
32 : 21

وَلَنُذِيقَنَّهُم مِّنَ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡأَدۡنَىٰ دُونَ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡأَكۡبَرِ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ

और निश्चय हम उन्हें (आख़िरत की) सबसे बड़ी यातना से पहले (दुनिया की) निकटतम यातना अवश्य चखाएँगे, ताकि वे पलट आएँ।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात ईमान ले आएँ और अपने कुकर्म से क्षमा याचना कर लें।