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آل عِمران /

आयत 187

3 : 187
آل عِمران आयतें 200
सूरह · آل عِمران
हिन्दी · Omari
3 : 187

وَإِذۡ أَخَذَ ٱللَّهُ مِيثَٰقَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ لَتُبَيِّنُنَّهُۥ لِلنَّاسِ وَلَا تَكۡتُمُونَهُۥ فَنَبَذُوهُ وَرَآءَ ظُهُورِهِمۡ وَٱشۡتَرَوۡاْ بِهِۦ ثَمَنٗا قَلِيلٗاۖ فَبِئۡسَ مَا يَشۡتَرُونَ

तथा (ऐ नबी! याद करो) जब अल्लाह ने किताब वालों से पक्का वचन लिया था कि तुम अवश्य इसे लोगों के सामने बयान करते रहोगे और इसे छुपाओगे नहीं, तो उन्होंने इस वचन को पीठ पीछे डाल दिया और उसके बदले तनिक मूल्य प्राप्त कर लिया। तो वे कितनी बुरी चीज़ खरीद रहे हैं?

Explanation & meanings · 2
  1. किताब वाले अर्थातः यहूद और नसारा (ईसाई) जिन्हें तौरात और इंजील दिया गया।
  2. अर्थात तुच्छ सांसारिक लाभ के लिए सत्य का सौदा करने लगे।