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آل عِمران /

आयत 140

3 : 140
آل عِمران आयतें 200
सूरह · آل عِمران
हिन्दी · Omari
3 : 140

إِن يَمۡسَسۡكُمۡ قَرۡحٞ فَقَدۡ مَسَّ ٱلۡقَوۡمَ قَرۡحٞ مِّثۡلُهُۥۚ وَتِلۡكَ ٱلۡأَيَّامُ نُدَاوِلُهَا بَيۡنَ ٱلنَّاسِ وَلِيَعۡلَمَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَيَتَّخِذَ مِنكُمۡ شُهَدَآءَۗ وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلظَّٰلِمِينَ

यदि तुम्हें आघात पहुँचा है, तो उन लोगों को भी इसी के समान आघात पहुँच चुका है। तथा इन दिनों को हम लोगों के बीच फेरते रहते हैं। और ताकि अल्लाह उन लोगों को जान ले जो ईमान वाले हैं, और तुममें से कुछ लोगों को शहादत नसीब करे। और अल्लाह अत्याचार करने वालों को पसंद नहीं करता।

Explanation & meanings · 3
  1. इसमें क़ुरैश की बद्र में पराजय और उनके 70 व्यक्तियों के मारे जाने की ओर संकेत है।
  2. अर्थात कभी किसी की जीत होती है, कभी किसी की।
  3. अर्थात अच्छे बुरे में अंतर कर दे।