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النَّمل /

आयत 87

27 : 87
النَّمل आयतें 93
सूरह · النَّمل
हिन्दी · Omari
27 : 87

وَيَوۡمَ يُنفَخُ فِي ٱلصُّورِ فَفَزِعَ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ إِلَّا مَن شَآءَ ٱللَّهُۚ وَكُلٌّ أَتَوۡهُ دَٰخِرِينَ

और जिस दिन सूर (नरसिंघा) में फूँका जाएगा, तो जो भी आकाशों में है और जो भी धरती में है, घबरा जाएगा, सिवाय उसके जिसे अल्लाह चाहे। तथा वे सब उसके पास अपमानित होकर आएँगे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात प्रलय के दिन।